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Tuesday, April 14, 2020

गबरू

हर रोज़ चला आता है
गबरू बालकनी में बहाने जिम के
कुछ नशा सा हो गया है
मोहल्ले की भाभियों को कसम से
रोक लो इसको गजब हो जाएगा
भाभियों का सब्र टूट गया
तो समझो गदर छा जाएगा

Sunday, February 17, 2013

प्यार का जवाब

चलो मैंने कसम खा ली तेरे प्यार की
अब ला तारे आसमान से तोड़ के

अगर मेरा चेहरा चाँद में नज़र आता है
फिर क्यों मेरे घर रोज़ चला आता है

कसमे पूरी नहीं कर पाया तो मैं बेवफा हो गयी
क्यूँ नहीं किया था प्यार तूने संभल के

बहुत शराब पी ली तूने मेरी आँखों से
चल जा अब पैसे खर्च कर मैखाने में

और अगर मैं रहती हूँ हर वक़्त तेरे ख्वाओं में
तो क्या करेगा पाकर मुझे हकीकत में

Wednesday, July 29, 2009

रिसेसन



बाबा मेरा कल्याण नही हो रहा
घर वालो का भरण पोषण नही हो रहा है
बाबा सब्र कर हाथ दिखा
यह क्या भाग्य रेखा की जगह ,
रिसेसन की रेखा
जैसे ही देखा
बाबा ने सोचा दक्षिणा नही दे पायेगा
लेकिन बिना लिए भगा दिया ,
मेरा धंधा रिसेसन का शिकार हो जाएगा
सोचकर बाबा बोला
चल यह घड़ी उतार दे
लेकिन बाबा,
लेकिन परन्तु कुछ नही
उतार दे तेरा समय तो वैसे ही ख़राब चल रहा है
अब अपनी समस्या बता
क्या तेरे साथ है घटा
बाबा जब से फायर हुआ हूँ
जी मचल रहा है
मचलेगा क्यों नही
चैटिंग जो नही कर पा रहा है
नौकरी से ज्यादा कन्या का मिलन तड़पा रहा है
नही बाबा नौकरी का रास्ता दिखाऊ
बाबा बेवकूफ मेरी जगह किसी
एचआर की कन्या को हाथ दिखाओ
चैन अंगूठी बेचके उसके ऊपर खरचा कर आओ
यहाँ से जल्दी भाग जाओ
तथास्तु तथास्तु तथास्तु !

Monday, March 23, 2009

वार्तालाप


एक लड़की दूसरी लड़की का शादी से पहले का

फोटो देखा रही थी हाय तू कितनी पतली थी पहले

हाँ पहले खून चूसने को नहीं मिलता था

अब हर रोज़ चुस्ती हूँ अपने पति का

शोले आज


कालिया बिना कुछ लिए वापस आ जाता है ,
बहुत निराश है ।
गब्बर : कितने आदमी थे
कालिया: पिछले2८-२९ साल से दो है यह कितनी बार बताए
गब्बर : और तुम सुअर के बच्चो तुमने क्या सोचा
कालिया : यही सोचा ख़ुद तो यही बैठा रहता है ,
यहाँ दो नाली पकडा के कहता है अनाज ले आओ,
जाके के देखो वोह रामगढ वोह पुराना नही है ठाकुर टेक्नोलॉजी ले आ है
ऐ के ४७ ले के बैठे है दोनों ,कभी जाके के देखो हेकडी निकल जायेगी।
गब्बर: अरे ओह संभा कितना इनाम राखी है हम पर
संभा :घंटा इनाम राखी है पिचले २९ सालो से ५०००० है ,
सोचा था जिस दिन ५० का ५० लाख होगा तुमको गोली मार के .....
लेकिन हुआ क्या recession ने ५०००० का ५००० कर दिया है अरे
तुम हमको अब फायर कर दो समझे
गब्बर: चुप हो जाओ तुम को पता है आज भी 'पचास पचास
कोस दूर गाओं में जब कोई बच्चा रोता है तो माँ कहती है सोजा गब्बर आ जायेगा
कालिया का सब्र टूथ जाता है पिचले २९ सालों से सुन रहा हूँ ,
अब ५ मीटर तक भी बच्चा नहीं रोता ,वैसे भी तुमने जय वीरू की
शादी नहीं होने दे बच्चे कहा से आयेंगे , वह बुददो की भीड़ जमा है ,
कोई बच्चा बच्चा नहीं रोता . अब तू बैठ के रो हम जा रहे है
recession है जब इनाम ५० लाख हो जाए तो भुलाना .