Monday, March 23, 2009


एक लड़की दूसरी लड़की का शादी से पहले का

फोटो देखा रही थी हाय तू कितनी पतली थी पहले

हाँ पहले खून चूसने को नहीं मिलता था

अब हर रोज़ चुस्ती हूँ अपने पति का

शोले आज

कालिया बिना कुछ लिए वापस आ जाता है ,
बहुत निराश है ।
गब्बर : कितने आदमी थे
कालिया: पिछले2८-२९ साल से दो है यह कितनी बार बताए
गब्बर : और तुम सुअर के बच्चो तुमने क्या सोचा
कालिया : यही सोचा ख़ुद तो यही बैठा रहता है ,
यहाँ दो नाली पकडा के कहता है अनाज ले आओ,
जाके के देखो वोह रामगढ वोह पुराना नही है ठाकुर टेक्नोलॉजी ले आ है
ऐ के ४७ ले के बैठे है दोनों ,कभी जाके के देखो हेकडी निकल जायेगी।
गब्बर: अरे ओह संभा कितना इनाम राखी है हम पर
संभा :घंटा इनाम राखी है पिचले २९ सालो से ५०००० है ,
सोचा था जिस दिन ५० का ५० लाख होगा तुमको गोली मार के .....
लेकिन हुआ क्या recession ने ५०००० का ५००० कर दिया है अरे
तुम हमको अब फायर कर दो समझे
गब्बर: चुप हो जाओ तुम को पता है आज भी 'पचास पचास
कोस दूर गाओं में जब कोई बच्चा रोता है तो माँ कहती है सोजा गब्बर आ जायेगा
कालिया का सब्र टूथ जाता है पिचले २९ सालों से सुन रहा हूँ ,
अब ५ मीटर तक भी बच्चा नहीं रोता ,वैसे भी तुमने जय वीरू की
शादी नहीं होने दे बच्चे कहा से आयेंगे , वह बुददो की भीड़ जमा है ,
कोई बच्चा बच्चा नहीं रोता . अब तू बैठ के रो हम जा रहे है
recession है जब इनाम ५० लाख हो जाए तो भुलाना .

Thursday, March 19, 2009

Eternal Love

Eternal Love

As we all are going through lot of changes now a days , that can be seen on everybody’s face , but sometimes circumstances are such that they creates a inexorable conditions as a result because of dilemma’s and illusion’s we are forced to do errors . And this happens because the name of God has gone with the wind during the days full of enjoyment, and we forget everything for our venerated spiritual customs.

At last when lot of unfavorable conditions are standing before you we started to curse the God ,why did u do this with me , but God has never asked the poor fellow , why did you forget me in your comfortable days full of enjoyment. But that time we all are full of anger because of money and power and we have the absolute fidelity, love, devotion to whom who is fulfilling our materialistic things not for the God .

And we forget the respect of God in spite of that we show anger towards him but fact is that the more you hate him the more he loves you , but we are not aware of his this fact .
Once you get rid of your anger, it was a good riddance and from the very that day you will see the eternal love of God, and you will analyze how false you were.

But still one can have the time to repent for all past activities that he did deliberately or undeliberately because the eternal love that you can have with anyone is only God even not your family members can provide you great feeling of eternal love that you can have under the foot of God, and then try to peep in your heart and retrospect all of your good deeds and bad deeds of life separately.

You will see lot of darkness one side and other side you will see a little bit of light that you have hidden in one part of your heart and you will be surprised seeing this because you were expecting the ray of happiness as you have the money, power and you did everything for your family by hook and crook.

But my dear when you will spent couple of moments in your heart then you will analyze that darkness was your anger, your mistakes, wrong paths which you follow because of money , power and to look after your family , but do not worry you are not late let the light mix (that you have hidden in one part of your heart) with the dark part of your heart, again you will astonished seeing that , a little bit of light eradicate all the darkness of your heart.

Ah, do not be surprised my dear actually now you have been enlightened by the truth of life and love because earlier in your life you had never analyzed your work but since now you are in the right path of your life, having a eternal love of god with you and because of this love all the bad evils of life has gone away and now you have gone into the orbit. (happiness)

Precisely speaking thing is that one has to leave the attachment of love with money, fame, power and family .Of course family too because once you have given all necessary things to your wife (comfortable life), children (education & marriage) , its suffice from your side .Now let them live their life’s.

Generally earlier days people listened their inner voice before starting their new work because for them inner voice is not their voice it’s the voice of almighty who gave them the power to analyze and segregate the right and wrong path of their job even knowing that choosing the wrong path they can complete their job early , they did not follow that path because we are here for helping the mankind, by choosing the wrong path we can get our things soon ,but it will demolish the relationship between the human and nature.

Actually their vision was clear they know that we all are living in kalyug , and in this kalyug one can get materialistic things easily by destroying the sentiments, emotions, desire , dreams of other. But this is the shortest path this was clear in their mind, which was showing the path of hell and that’s why, they never let the kalyug to rule in their minds. And they were well aware of this thing that choosing the right path means lots of trouble. But they took the troubles as hurdles of life, which they had to clear without diverting their mind. Because once they clear all these troubles, they are very near to the God. And doing the job for the sake of mankind means you are near the process of salvation.

We can satiate ourselves by the fervent love for human beings and nature which is directly proportional to the eternal love of God. This will be seen as indefatigable, reverential, perpetual process. And one day you will see a caprice in yourself.

God Bless You

Wednesday, March 18, 2009


लिखना चाहता था प्रेम कहानी

पर दर्द बयाँ कर बैठा

बरसानी थी बादलों से बरसात

पर अश्क बहा बैठा

उसकी आंखों में एक चमक नज़र आती थी

जो उसकी खफा में वफ़ा दिखाती थी

कातिल हँसी उसकी फूल खिलाया करती थी

बस इसी तरह नज़रो में बसाया करती थी

हर रोज़ बेवफाई का जख्म दिया करती थी

शाम को जुल्फों के साये में मरहम लगाती थी

मेरी आँखों को बस वफ़ा नज़र आती थी

पर धोखा देती रही हर दफा तुझको ऐ अंजान

आलम यह है अब जाम भी पिया नही जाता

और उसके बिना जीया भी नही जाता

फर्क नज़र आता है उसके प्यार में

फ़िर क्यों बैठा अनजान उसके इंतज़ार में


मास्टर जी कहते हैं
पढ़न है बस तुमको विज्ञान
वरना अधुरा है तुम्हारा ज्ञान
सिखा लो नुटन से
पडो विज्ञान पुरे मन से
नुटन की तरह करो विज्ञान का अध्यन
इसी बात पर हो गई मास्टर जी से अनबन
हमने कहा नुटन तो आलसी था
घर से भागकर पेड़ के नीचे सोता था
न जाने किन खायालोँ में खोया रहता था
मास्टर जी ने कहा चुप करो
नुटन ने बताया चीजे नीचे क्यों गिरती हैं
हमने कहा
उसने यह बताया सेब नीचे क्यों गिरता है
तब लोगो ने समझाया
उसको प्यार से बताया
सेब नही साडी चीजे नीचे गिरते हैं
मास्टर ने घूर के हमको देखा
गुरितवाकर्सन नही पड़ा
हमने कहा गुरु का आकर्सन
शाहरुख की मूवी में हूँ ना में देखा है
जिसमे सुस्मिता को देखकर शाहरुख
बार बार नीचे गिर जाया करता था
हमारा इतना कहना था
मास्टर जी का पारा ऊपर चड़ना था
एक प्रसन हम पर आना था
उससे पहले फ़िर वोह बोले
एडिशन की तरह पडो विज्ञान
जिसने जग में उजाला करके
किया नाम महान
अब बताओ तुम एक वैज्ञानिक का नाम
मैं बोला अमिताभ बच्चन
उसने बताया जिसकी बीबी गोरी
उसका बड़ा नाम है
कमरे में बिठा दो
आपके एडिशन का क्या काम है
वोह एडिशन से भी महान है


हर आहट पर मैं

आँखें बंद कर लेती हूँ

कही तुझे नज़र न लग जाए

रूह मिलने से पहले


इससे पहले यह वक्त

रेत की तरह हाथ से फिसल जाए

आ मेरे महबूब

इन दूरियों को नजदीकियां बना ले


वरसो से तड़प रही थी

किसी के इंतज़ार में

आज करार आया दिल को

उसे देखने के बाद


ठहरी हुई हैं मेरी आँखें
एक नज़र तुझे देखने के लिए
पत्थर न हो जाए कही
तेरे दीदार से पहले


जब में तीन साल का बच्चा था

माँ से आंख बचाकर भाग कर

रेत में खेला करता था

माँ की आवाज़ सुनकर

इधर उधर चुप जाया करता था

शाम को घर जाते वक्त

सोचकर माँ ठंडे पानी से निहलायेगी

थोड़ा डर जाया करता था

निहलाते -२ वो मुझ को डाटा करते थी

लेकिन मेरी चोट देखकर

उसकी आंख भर आया करती थी

और में उसके सीने से लगकर

तूतली जवान से कहता था

अब नही करूँगा और तंग

लेकिन सुलाना मुझे अपने संग

सुनकर माँ दिल भर आया करता था

लेकिन में अगले दिन फ़िर भाग जाया करता था

इसी तरह में उसको सताता था

जब में तीन साल का बच्चा था

रेत में खेला करता था

रेत में खेला करता था